सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

TAKDEER MUJHE LE CHAL MAHAKAL KI BASTI ME Lyrics


तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में

Song :- Takdir Mujhe Le Chal Mahakal Ki Basti

Main Singer :- Shahnaaz Akhtar

Music Rearrange :- Prateek Shrivastava

Lyrics :- Shahnaz Akhtar

 Takdeer Mujhe Le Chal Mahakal Ki Basti Me Lyrics Hindi


उज्जैन में हर रंग के दीवाने मिलेंगे, 
आपस में बड़े प्यार से बेगाने मिलेंगे, 
उज्जैन में हर रंग के दीवाने मिलेंगे, 
आपस में बड़े प्यार से बैगाने मिलेंगे,
हर और से आते हैं सब भगत,
मेरे बाबा महाकाल के दीवाने मिलेंगे, 
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में, 
तक़दीर मुझे ले चल महा काल की बस्ती में,
ये उम्र ये गुज़र जाएं महाकाल की बस्ती में, 
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में, 

क्या जानें कोई क्या है, महाकाल का दरबारा,
सबसे बड़ा है जग में महाकाल का दरबार,
बैठा है धूणी डाले महाकाल मेरा बाबा, 
बम बम अलख जगाएं महाकाल मेरा बाबा,
लम्बी कतारें भस्म आरती की देखो, 
दूल्हा बना हुआ है महाकाल मेरा बाबा, 
तक़दीर मुझे ले चल महा काल की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में,
ये उम्र ये गुज़र जाएं महाकाल की बस्ती में, 
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में, 

भस्मी लगाए बैठा महाकाल मेरा बाबा,
और भुजंग गले में डाले, महाकाल मेरा बाबा,
कालों का काल हैं जी महा काल मेरा बाबा,
सबसे निहाल है जी महाकाल मेरा बाबा,
तारे कर्म से सबको महाकाल मेरा बाबा,
काटे जो काल सबके, महाकाल मेरा बाबा,
तक़दीर मुझे ले चल महा काल की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में,
ये उम्र ये गुज़र जाएं महाकाल की बस्ती में, 
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में, 
 
मेरी भी कामना है, महाकाल के दर जाऊँ,
जीवन वहीँ गुजारूं कभी लौट के ना आऊँ,
कर सेवा महाकाल की जीवन सफल बनाऊं,
चौखट पे महाकाल की सर अपना मैं झुकाऊँ,
बस रात दिन भजन मैं महाकाल के ही गाऊँ,
तक़दीर मुझे ले चल महा काल की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में,
ये उम्र ये गुज़र जाएं महाकाल की बस्ती में, 
तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में,

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Shiva Kalpataru Lyrics In Hindi

Pranamami Shivam Shiva Kalpataru Lyrics In Hindi प्रभु मीशा मनीषा माशेशा गुणम गुनाहीना महीषा गरभरणम राणा निर्जिता दुरजय दैत्यपुरम प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () गिरिराज सुतनविता वामातनुम: तनु नंदिता राजिता कोटि विभूम विधि विष्णु शिरोध्रुत पदयुगम प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () शशालंचिता रंजीथा संमुकुटम् कटि लंबिता सुंदरा कृतिपट्टम सुरशैव लिनेकृत पुताजातम: प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () नयनत्रय भूशिता ​​चारमुखम् मुख पद्म विनिंदिता कोटि विधुम विधु खंड विमन्दिता भालतातम: प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () वृषाराजा निकेतनमादिगुरुम गरलाशनामाजी विशनधरम: प्रमाधाधिप सेवक रंजनकम्: प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () मकरध्वज मठ मातंगहराम कारी चार्मगा नाग विबोधकराम: वरमर्गना शूल विशनधरम: प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () जगदुद्भवपालन नाशनाकारम: कृपा जयवपुनस्त्रण रूपा धर्म: प्रिया मानव साधु जनकगतििम प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () अनाथंगसुदीनांग बिभोविश्वनाथम पुनर्जन्ममा दुखत परित्राहि शंभो भजतोखिला दुखा समुहहरम प्रणामामी शिवं शिव कल्पतरुम () भजन विवरण भजन का नाम : प्रभु मीसा मनीसा (शिव कल्पतरु) - ...

Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi

Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi ॥ श्री हनुमान चालीसा ॥ ॥ दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार । बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी । कुमति निवार सुमति के संगी ॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा । कानन कुण्डल कुँचित केसा ॥४ हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजै । काँधे मूँज जनेउ साजै ॥ शंकर सुवन केसरी नंदन । तेज प्रताप महा जगवंदन ॥ बिद्यावान गुनी अति चातुर । राम काज करिबे को आतुर ॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥८ सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा । बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे । रामचन्द्र के काज सँवारे ॥ लाय सजीवन लखन जियाए । श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥१२ सहस बदन तुम्हरो जस गावैं । अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं ॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥ जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते...

Shiva Gitimala - Shiva Ashtapadi Malayalam

 ॥ Lord Siva Gitimala and Ashtapadi Lyrics in Malayalam ॥ ॥ പ്രഥമഃ സര്‍ഗഃ ॥ ധ്യാനശ്ലോകാഃ – സകലവിഘ്നനിവര്‍തക ശങ്കരപ്രിയസുത പ്രണതാര്‍തിഹര പ്രഭോ ॥ മമ ഹൃദംബുജമധ്യലസന്‍മണീരചിതമണ്ഡപവാസരതോ ഭവ ॥ 1 ॥ വിധിവദനസരോജാവാസമാധ്വീകധാരാ വിവിധനിഗമവൃന്ദസ്തൂയമാനാപദാനാ । സമസമയവിരാജച്ചന്ദ്രകോടിപ്രകാശാ മമ വദനസരോജേ ശാരദാ സന്നിധത്താം ॥ 2 ॥ യദനുഭവസുധോര്‍മീമാധുരീപാരവശ്യം വിശദയതി മുനീനാത്മനസ്താണ്ഡവേന । കനകസദസി രംയേ സാക്ഷിണീവീക്ഷ്യമാണഃ പ്രദിശതു സ സുഖം മേ സോമരേഖാവതംസഃ ॥ 3 ॥ ശര്‍വാണി പര്‍വതകുമാരി ശരണ്യപാദേ നിര്‍വാപയാസ്മദഘസന്തതിമന്തരായം । ഇച്ഛാമി പങ്ഗുരിവ ഗാങ്ഗജലാവഗാഹ- മിച്ഛാമിമാം കലയിതും ശിവഗീതിമാലാം ॥ 4 ॥ ശിവചരണസരോജധ്യാനയോഗാമൃതാബ്ധൌ ജലവിഹരണവാഞ്ഛാസങ്ഗതം യസ്യ ചേതഃ । നിഖിലദുരിതമഭങ്ഗവ്യാപൃതം വാ മനോജ്ഞം പരശിവചരിതാഖ്യം ഗാനമാകര്‍ണനീയം ॥ 5 ॥ ॥ പ്രഥമാഷ്ടപദീ ॥ മാലവീരാഗേണ ആദിതാലേന ഗീയതേ (പ്രലയപയോധിജലേ ഇതിവത്) കനകസഭാസദനേ വദനേ ദരഹാസം നടസി വിധായ സുധാകരഭാസം ശങ്കര ധൃതതാപസരൂപ ജയ ഭവതാപഹര ॥ 1 ॥ ജലധിമഥനസമയേ ഗരലാനലശൈലം വഹസി ഗലസ്ഥമുദിത്വരകീലം ശങ്കര ധൃതനീലഗലാഖ്യ ജയ ഭവതാപഹര ॥ 2 ॥ വിധുരവിരഥചരണേ നിവസന്നവനിരഥേ പുരമിഷുണാ ഹൃതവാനിത...